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जाट बलिदान दिवस आज: जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राशलवाला चौक व आस-पास शराब की बिक्री पर पांबदी

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हैलो बहादुरगढ़। हरियाणा में जाट समुदाय के लोग आज ‘जाट बलिदान दिवस’ मना रहे हैं। इसके मद्देनज़र जिलाधीश एवं उपायुक्त सोनल गोयल ने कोड ऑफ दा क्रिमिनल प्रोसिजर 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश की ओर से जारी आदेशों में कहा कि गया है कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 18 फरवरी को राशलवाला चौक पर बलिदान दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बलिदान दिवस कार्यक्रम के दौरान झज्जर शहर की नगरपालिका सीमा में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार या अधिक लोगों के एकत्रित होने तथा अग्रि शस्त्र, लाठी, बरछी, जेली एवं गंडासे सरीखे नुकीले हथियार या अन्य वस्तु जो हथियार की तरह उपयोग की जा सकती हो, को लेकर चलने पर 18 फरवरी रविवार को पूर्ण प्रतिबंद लगा दिया गया है। जिलाधीश ने कहा कि उपरोक्त आदेशों की अवहेलना के आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड सहिता की धारा 188 के तहत कानूनन कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

 

शराब की बिक्री पर रहेगी रहेगी रोक

जिलाधीश एवं उपायुक्त सोनल गोयल ने पंजाब एक्साइज एक्ट 1914 की धारा 54 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राशलवाला चौक व आस-पास के मुख्य मार्गो पर 18 फरवरी रविवार को सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक सभी शराब के ठेके, दुकान बंद रखने व बिक्री पर पांबदी लगा दी है। जिलाधीश ने कहा की रविवार को राशलवाला चौक पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह पाबंदी लगाई गई। जिलाधीश ने कहा कि उपरोक्त आदेशों की अवहेलना के आरोपियों के विरूद्ध उपरोक्त एक्ट के तहत कानूनन कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

 

81 डयूटी मजिस्ट्रेट तथा अन्य नोडल अधिकारी नियुक्त 

जिले में क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला में 81 डयूटी मजिस्ट्रेट तथा अन्य नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। सभी डयूटी मजिस्ट्रेट, नोडल अधिकारियों  व पुलिस टीमों को आपसी समन्वय से कार्य करने के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधीश सोनल गोयल ने कहा कि आमजन किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया आदि के माध्यम से अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।

 

आश्वासन के बावजूद एहतियातन इंतज़ाम 

ज्ञात हो कि वर्ष 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन दौरान जो लोग शहीद हुए थे। उनकी याद में अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति 18 फ़रवरी को बलिदान दिवस मना रही है और इस दौरान अलग तरह से संवेदनाएं होगी और कुछ भी अप्रिय घटना न घटे इसलिए एहतियातन प्रशासन ने आवश्यक सुरक्षा इन्तेजाम किये हैं। हालांकि जाट नेताओं ने को सरकार यह विश्वास दिलाया है कि बलिदान दिवस शांति पूर्वक मनाया जाएगा।

 

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